Re-NEET – नीट परीक्षा को दोबारा करने के लिए सरकार युद्ध स्तर पर तैयारी कर रही है परीक्षा से 4 दिन पहले ही सील बंद प्रश्नों को राज्य की राजधानी तक पहुंचाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है लेकिन इस बार ई पेपर किसी आम कोरियर लेडी या साधारण डाक नेटवर्क के भरोसे नहीं रहेगा जहां से हमेशा लीक होने का सबसे बड़ा खतरा रहता है पहली बार परीक्षा सामग्री के ट्रांसपोर्टेशन के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) को मैदान में उतारा गया है. वायुसेना के विशालकाय C-17 ग्लोबमास्टर विमानों और Mi-17 हेलीकॉप्टरों के जरिए गोपनीय प्रश्नपत्रों के पैकेट्स को देश के 18 बेहद रणनीतिक और मुख्य हब तक सीधे एयरलिफ्ट किया जा रहा है.
Re-NEET Exam 2026 Security System: NEET परीक्षा को लेकर पिछले कुछ समय में हुए विवादों के बाद, सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इस बार कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं हैं। दोबारा होने जा रही इस परीक्षा (Re-NEET) को पूरी तरह से पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए एक नया और बेहद कड़ा सुरक्षा तंत्र तैयार किया गया है।
कमांडो और अर्धसैनिक बलों’ का पहरा
नीट परीक्षा के लिए वायुसेना की विमान इस सील बंद बॉक्स को लेकर राज्य की राजधानी यात्रा एयर बेस पर लैंड करेगी वहां से ग्राउंड सिक्योरिटी का जिम देश की सबसे भरोसेमंद सिक्योरिटी फोर्स संभाल रही है यहां मल्टी लेयर सुरक्षा घेरे तैयार किया जाएगा इसमें एयरपोर्ट और एयरबेस से लेकर मुख्य स्टोरेज तहसील तक इस पेपर को सीआरपीएफ और सीआईएफ के जवान अपनी कस्टडी में देख करेंगे
Re-NEET Exam 2026: जानें कैसा है पेपर लीक रोकने के लिए सिक्योरिटी का नया सिस्टम?
NEET परीक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से हुए विवादों के बाद सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इस बार कोई भी रेट लेने की मूड में नहीं है दोबारा होने जा रही इस परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शित और कहीं से भी चकना हो इसके लिए सरकार बेहद कड़ा सुरक्षा की व्यवस्था की है।
डिजिटल लॉकिंग और GPS ट्रैकिंग | Digital Locking & GPS Tracking
- GPS इनेबल्ड बॉक्स: परीक्षा केंद्रों तक पेपर ले जाने वाले बॉक्स अब साधारण नहीं होंगे। ये पूरी तरह से GPS ट्रैकिंग से लैस हैं, जिससे कंट्रोल रूम को पल-पल की लोकेशन मिलती रहेगी।
- डिजिटल लॉक: इन बॉक्सों में टाइम-बेस्ड डिजिटल लॉक लगाए गए हैं। ये लॉक एक तय समय पर और केवल परीक्षा केंद्र के अंदर ही डिजिटल की (Key) के जरिए खोले जा सकेंगे। इससे रास्ते में पेपर लीक होने की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
कड़े परीक्षा केंद्र और जैमर्स । High-Tech Exam Centers
- सरकारी और विश्वसनीय केंद्र: इस बार निजी स्कूलों या दूर-दराज के संदिग्ध केंद्रों के बजाय सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों और प्रतिष्ठित कॉलेजों को प्राथमिकता दी गई है।
- 5G जैमर्स का इस्तेमाल: परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, ब्लूटूथ या स्मार्टवॉच को बेकार करने के लिए एडवांस 5G नेटवर्क जैमर्स लगाए गए हैं।
छात्रों के लिए क्या बदल गया?। Important Rules for Students
- रिपोर्टिंग टाइम: सुरक्षा जांच (Security Frisking) में इस बार ज्यादा समय लगेगा, इसलिए परीक्षा केंद्र पर तय समय से काफी पहले पहुंचें।
- सख्त ड्रेस कोड: ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन करें। बड़े बटन वाले कपड़े, जूते और किसी भी तरह की ज्वेलरी पहनकर जाने से बचें।
- ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स: अपना एडमिट कार्ड, ओरिजिनल आईडी प्रूफ और पासपोर्ट साइज फोटो ले जाना न भूलें, क्योंकि बायोमेट्रिक मिसमैच होने पर एंट्री नहीं मिलेगी।